Thursday, 19 March 2020

अस्थमा के लक्षण ,कारण और घरेलू टिप्स

अस्थमा के लक्षण ,कारण और घरेलू टिप्स 

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अस्थमा एक गंभीर बीमारी है। इसकी वजह से इंसान की जान भी जा सकती है। यह श्वास नलिकाओं को प्रभावित करता है। दरअसल श्वास नलिकाएं ही हमारे फेफड़ो से हवा को अंदर-बाहर करती हैं। अस्थमा होने पर इन नलिकाओं में सूजन आ जाती है, जिससे ये सिकुड़ जाती हैं और फेफड़ों तक पर्याप्त हवा नहीं पहुंच पाती है। इसकी वजह से मरीज को सांस लेने  में दिक्कत होने लगती है। अस्थमा को पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता, लेकिन इस पर नियंत्रण पाया जा सकता है। अस्थमा किसी को भी और किसी भी उम्र में हो सकता है। बच्चों और बूढ़ों में अस्थमा होना आम बात है। मौसम में बदलाव, धूल-मिट्टी और धुंएं की जैसे कुछ विशेष परिस्थितियों में अस्थमा के अटैक का ख़तरा बढ़ जाता है। 

अस्थमा के लक्षण 


जब दमा के कारक मरीज के संपर्क में आते हैं, तो शरीर में मौजूद विभिन्न रासायनिक पदार्थ (जैसे हिस्टामीन) स्रावित होते हैं। इस कारण सांस नलिकाएं संकुचित हो जाती हैं। सांस नलिकाओं की भीतरी दीवार में लालिमा और सूजन आ जाती है और उनमें बलगम बनने लगता है। इन सभी से दमा के लक्षण पैदा होते हैं, जो इस प्रकार हैं।

  • खांसी जो रात में गंभीर हो जाती है।
  • सीने में कसाव या जकड़न।
  • सीने में घरघटाहट जैसी आवाज आना।
  • गले से सीटी जैसी आवाज आना।
  • बार-बार जुकाम होना।
  • सांस लेने में कठिनाई, जो दौरों के रूप में तकलीफ देती है।
  • जोर-जोर से सांस लेना, जिस कारण से थकान महसूस होना। 

अस्थमा के कारण 
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- आनुवांशिकता  के कारण आदिअस्थमा या दमा होने के कई कारण हो सकते हैं जिसमें मुख्य है वायु प्रदूषण. इस बीमारी  के कारण सांस की नली में सूजन आ जाती है या आसपास की मांशपेशियों  में कसाव होता है. जिसके कारण हवा का आवागमन अच्छे से नहीं हो पाता है.
क्या आप जानते हैं कि अस्थमा के मरीज़ों को सांस लेने से ज्यादा सांस छोड़ने में दिक्कत होती है. एलर्जी होने के कारण सांस की नली में बलगम बनने लगता है. अन्य अस्थमा होने के कारण इस प्रकार हैं:
- घर में या उसके आसपास धूल का होना
- घर में पालतू जानवर का होना
- वायु प्रदूषण
- perfumed cosmetics का इस्तेमाल करना
- सर्दी, फ्लू ब्रोंकाइटिस  और साइनसाइटिस  का संक्रमण
- ध्रूमपान
- तनाव या भय के कारण
- सर्दी के मौसम में अधिक ठंड होने के कारण
- अधिक मात्रा में जंक फूड खाने के कारण
- ज्यादा नमक खाने के कारण.

अस्थमा के लिए घरेलु टिप्स

    1. लैवेंडर ऑयल:- पांच−छह बूंदे लैवेंडर ऑयल की एक बाउल गर्म पानी में डालें और उससे करीबन पांच से दस मिनट तक स्टीम लें। आप इस उपाय को प्रतिदिन करें। लैवेंडर का तेल न सिर्फ वायुमार्ग की सूजन को कम करता है, बल्कि बलगम के उत्पादन को भी नियंत्रित करता है। जिससे आपके वायुमार्ग को आराम मिलता है और साथ ही साथ प्रतिरक्षा तंत्र भी मजबूत होता है। इस प्रकार लैवेंडर ऑयल की मदद से अस्थमा अटैक को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
    2. हल्दी:- एक गिलास पानी में एक चौथाई चम्मच हल्दी मिलाकर उसका सेवन करें। करीबन पंद्रह दिनों तक इस उपचार को दिन में तीन बार करें। हल्दी एक बेहतरीन एंटीमाइक्रोबॉयल एजेंट है। साथ ही इसमें कर्क्युमिन भी पाया जाता है, जो अस्थमा से लड़ने में मददगार है।
    3. सूखी अंजीर:-अंजीर के सूखे फल बहुत गुणकारी होते हैं। यह कफ को जमने से भी रोकते हैं। सूखी अंजीर के 4 दाने  को गर्म पानी में रातभर भिगोकर रख दें। सुबह खाली पेट इसे पीसकर खा लें। ऐसा करने से श्वास नली में जमा बलगम ढीला होकर बाहर निकलता है और इससे संक्रमण से भी राहत मिलती है और अस्थमा का सफल इलाज  होता है।
    4. तेजपत्ता:- तेजपत्ता और पीपल के पत्ते की 2 ग्राम मात्रा को पीसकर मुरब्बे की चाशनी से साथ खाएं। रोजाना इसे खाने से अस्थमा की समस्या  कुछ समय में ही गायब हो जाएगी।
    5. सोंठ:- सोंठ, सेंधा नमक, जीरा, भुनी हुई हींग और तुलसी के पत्ते को पीसकर 100 मि.लीटर पानी में उबाल लें। इसे पीने से अस्थमा की समस्या दूर हो जाएगी।
    6. शहद:-श्वास संबंधी समस्याओं को दूर करने में शहद सबसे पुराना और प्राकृतिक उपचार है। इसके लिए एक गिलास गर्म पानी लेकर उसमें एक चम्मच शहद मिलाकर उसका धीरे−धीरे सेवन करें। इसके अतिरिक्त रात में सोने से पहले भी एक चम्मच शहद में थोड़ा सा दालचीनी पाउडर मिलाकर उसे चाट लें। आप शहद व पानी का सेवन दिन में तीन बार कर सकते हैं। शहद गले से कफ हटाने में  मदद करता है।
    7. कॉफी:-आपको शायद जानकर हैरानी हो लेकिन कॉफी भी अस्थमा से राहत दिलाने का एक आसान लेकिन कारगर उपाय है। इसके लिए आप एक कप गर्मागर्म कॉफी का सेवन करें। इससे आपको तुरंत अस्थमा से राहत मिलती है। दरअसल, यह तुरंत वायुमार्ग को खोलता है, जिससे आपको सांस लेने में आसानी होती है। 
    8. अदरक:-अदरक का इस्तेमाल आपने चाय में तो कई बार किया होगा, अब इसकी मदद से अस्थमा को मात दें। इसके लिए अदरक को कद्दूकस करके उसे एक कप गर्म पानी में डाल दें। अब इसे पांच मिनट के लिए यूं ही छोड़ दें। अब पानी को छान लें और इसमें शहद मिक्स करके गर्म ही पीएं।
    9. बड़ी इलायची:-बड़ी इलायची, खजूर और अंगूर को सामान मात्रा में पीसकर शहद से साथ खाएं। इसका सेवन अस्थमा के साथ पुरानी खांसी को भी दूर करता है।
    10.  पीपल के पत्ते:-पीपल के पत्तों को सूखा कर जला लें। इसके बाद इसें छान इसमें शहद मिलाएं। दिन में 3 बार इसे चाटने से अस्थमा की समस्या कुछ समय में ही दूर हो जाएगी।
    11. पालक और गाजर:-पालक और गाजर के रस को मिलाकर रोजाना पीने से भी अस्थमा की समस्या दूर होती है।
    12. आंवला पाउडर:-2 टीस्पून आंवला पाउडर में 1 टीस्पून शहद मिलाकर सुबह खाली पेट सेवन करें। रोजाना इसका सेवन अस्थमा को कंट्रोल करता है।
    13. मेथी के दाने :-मेथी को पानी में उबाल कर इसमें शहद और अदरक का रस मिलाकर रोजाना पीएं। इससे आपको अस्थमा की समस्या से राहतमिलेगी।
    14. लहसुन :-लहसुन, दमा के इलाज में बहुत प्रभावशाली औषधी है। 30 मिली दूध में लहसुन की पांच कलियां उबालें और इस मिश्रण का हर रोज सेवन करने से दमे की शुरुआती अवस्था में काफी लाभ मिलता है।
    15. लौंग :-4-5 दाने लौंग लेकर एक गिलास पानी में उबालें। जब पानी आधा रह जाए तो छान लें। इसमें एक चम्मच शहद मिलाकर पानी पीएं। ऐसा काढ़ा बनाकर दिन में तीन बार पीने से रोग नियंत्रित होता है।
    16. तुलसी :-तुलसी के 15-20 पत्ते पानी से साफ कर लें फिर उन पर काली मिर्च का पाउडर खाने से सांस की तकलीफ में राहत मिलती है।या फिर सोंठ, सेंधा नमक, जीराभुनी हुई हींग और तुलसी के पत्ते को पीसकर एक गिलास पानी में उबाल लें। इसे पीने से अस्थमा की समस्या दूर हो जाएगी।
    17. अजवाइन :-अस्थमा से अनेक लोग पीड़ित रहते हैं। अगर आप भी अस्थमा से पीड़ित हैं तो आपके लिए बहुत ही आसान उपाय है। अस्थमा का जड़ से इलाज करने के लिए आप अजवायन डालकर इसे उबालें और इस पानी से उठती भाप लें। यह अस्थमा का जड़े से इलाज (asthma ka ilaj) करता है।





            1. अस्थमा से बचाव  के उपाय (How to Prevent Asthma in Hindi)

              अस्थमा का घरेलू उपचार (Home remedies for Asthma) के लिए मरीजों को कुछ सामान्य बातों का ध्यान रखना चाहिए।
              • दमा के मरीज को बारिश और सर्दी और धूल भरी जगह से बचना चाहिए। बारिश के मौसम में नमी के बढ़ने से संक्रमण बढ़ने की संभावना होती है।
              • ज्यादा ठण्डे और ज्यादा नमी वाले वातावरण में नहीं रहना चाहिए, इससे अस्थमा के लक्षण बढ़ सकते हैं।
              • घर से बाहर निकलने पर मास्क लगा कर निकलें।
              • सर्दी के मौसम में धुंध में जाने से बचें।
              • ताजा पेंट, कीटनाशक, स्प्रे, अगरबत्ती, मच्छर भगाने की  कॉइल का धुआँ, खुशबुदार इत्र से जितना हो सके बचे।
              • धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों से दूर रहें।
              • इसके अलावा जीवनशैली और आहार में बदलाव लाने पर इन दमा के प्रभाव को कम किया जा सकता है-

            2. ऐसा हो आहार 

              • गेहूँ,  मूँग, कुल्थी, जौ, पटोल का सेवन करें।
              • अस्थमा के मरीजों को आहार में हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करना चाहिए। पालक औरगाजर का रस अस्थमा में काफी फायदेमंद होता है।
              • आहार में लहसुन, अदरक, हल्दी और काली मिर्च को जरूर शामिल करें, यह अस्थमा से लड़ने में मदद करते हैं।
              • गुनगुने पानी का सेवन करने से अस्थमा के इलाज में मदद मिलती है।
              • शहद का सेवन करें।
            3. अस्थमा रोगियों के लिए परहेज 
              • मछली, गरिष्ठ भोजन, तले हुए पदार्थ न खाएँ।
              • अधिक मीठा, ठण्डा पानी, दही का सेवन न करें।
              • अस्थमा के रोगियों को प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा वाली चीजों का सेवन कम से कम करना चाहिए।
              • कोल्ड ड्रिंक, ठण्डा पानी और ठण्डी प्रकृति वाले आहारों का सेवन नहीं करना चाहिए।
              • अण्डे, मछली और मांस जैसी चीजें अस्थमा में हानिकारक है।

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