Monday, 16 March 2020

माइग्रेन के कारण ,लक्षण और घरेलु टिप्स

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माइग्रेन के कारण ,लक्षण और घरेलु टिप्स  

माइग्रेन के मरीज दुनियाभर में बढ़ते जा रहे हैं।  हमारा  देश भी अछूता नहीं है। इसका सबसे बड़ा कारण भागदौड़ की जिंदगी को माना जाता है। यह जिंदगी तनाव से भरपूर है, और लोग इसे बदलने का अधिक प्रयास भी नहीं करते। धीरे-धीरे यही सब माइग्रेन के रुप में बदलने लगती हैं। सामान्य स्थिति से तनाव भरे माहौल में पहुंचने पर सिरदर्द बढ़ जाता है और ब्लडप्रेशर हाई होने लगता है। लगातार ऐसी स्थितियां अगर आपके सामने पेश आएं, तो समझिए आप माइग्रेन के शिकार हो रहे हैं।

माइग्रेन क्या है?

आमतौर पर लोग सिर में होने वाले किसी भी किस्म के दर्द को माइग्रेन मान लेते हैं, जबकि सच्चाई यह है कि माइग्रेन और सामान्य सिर दर्द अलग- अलग हैं। सिर में होने वाले सामान्य दर्द की वजह भी अलग  होती है। यह थकान, भूख लगने, नींद न आने जैसे कारणों से होता है।  यह दर्द अस्थाई होता है, जो थोड़ी देर में ठीक भी हो जाता है। सामान्य सिर दर्द में सिर के दोनों हिस्सों में आंखों के आसपास दर्द होता है, जबकि माइग्रेन में सिर के पिछले हिस्से में या फिर सिर के आधे हिस्से में दर्द होता है। यह कतई जरूरी नहीं है कि आपके सिर में होने वाला दर्द माइग्रेन का ही हो।  आपको माइग्रेन होने पर आपके सिर के एक हिस्से में बहुत ज्यादा दर्द होने लगता है और ऐसा लगने लगता है जैसे कोई हथौड़े से मार रहा हो। यह दर्द सिर के आधे हिस्से में होता है, लेकिन कभी-कभी यह पूरे हिस्से में भी हो सकता है। दर्द की यह स्थिति कुछ घंटों से लेकर कुछ दिन तक रह सकती है। इस दर्द को माइग्रेन, अधकपारी या अर्धशीशी कहते हैं। माइग्रेन में सिर दर्द के समय सिर के नीचे की धमनी बढ़ जाती है। कई बार दर्द वाले हिस्से में सूजन भी आ जाती है। माइग्रेन को वस्कुलर हेडेक के नाम से भी जाना जाता है। आयुर्वेदिक डॉक्टरों की मानें तो माइग्रेन दिमाग या चेहरे की रक्त-वाहिनियों में हुई गड़बड़ी से होने वाली बीमारी है। माइग्रेन आनुवंशिक बीमारी भी है, जिसका कारण खान-पान, वातावरण में बदलाव, तनाव के स्तर में बढ़ोतरी या जरूरत से ज्यादा सोना हो सकता है। 

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माइग्रेन के लक्षण 

  • चेहरे या गर्दन में दर्द।
  • चक्कर आना 
  • धुंधली दृष्टि या विकृत दृष्टि।
  • नाक बंद।
  • सिर हमेशा फड़फड़ाता  रहना।
  • जिन्हें माइग्रेन की समस्या होती है। उन्हें आंखो में दर्द, मतली या फिर उल्टी की समस्या होती है।
  • लाइट, आवाज़  से भी समस्या होना।
  • दिनभर बेवजह उबासी आना।
  • माइग्रेसन पीड़ित लोगों को ऑरा(Aura)का महसूस होना। इसमें आपके सवेंदना में कमी या फिर  सुई चुभना जैसा महसूस होना।
  • नींद अच्छे से न आना।
  • माइग्रेन में मूड पलभर में बदल जाता है। कभी उदास तो कभी बहुत खुश।
  • माइग्रेन होने से पहले खाने का अधिक मन होना।
  • बार-बार पेशाब आना।
  • सुबह उठते ही सिर पर तेज दर्द होना यह साधारण या तीव्र दर्द, जो सिर के एक या दोनों ओर हो सकता है
  • शारीरिक श्रम करने से दर्द बढ जाना
  • दर्द दैनिक क्रियाओं में अवरोध पैदा कर सकता है
  • माइग्रेन आपका पाचन खराब कर सकता है।
  • कुछ लोगों में माइग्रेन के दौरान ब्लड प्रेशर लो हो जाता है।
  • इसका दर्द 4 से 72 घंटों तक रह सकता है।
  • कुछ लोगों को महीने में कई बार सिरदर्द हो सकता है, जबकि अन्य लोगों को इससे कम होता है।


                      • माइग्रेन के कारण 

                    • एलर्जी , तेज रोशनी, तेज सुगंध, तेज आवाज, धुआं, व्रत, ऐल्कोहल, इसके अलावा मछली, मूंगफली, खट्टे फल और अचार के सेवन से भी यह दर्द हो सकता है। 
                    •  रजोनिवृत्ति या प्रेगनेंसी के दौरान कई महिलाओं में तीव्र माइग्रेन विकसित करने की प्रवृत्ति होती है।इसके अलावा महिलाओं में अनियमित पीरियड्स, बर्थ कंट्रोल पिल्स ,हॉर्मोनल चेंज भी माइग्रेन का कारण बनते हैं | 
                    • पर्याप्त पानी न पीना
                    • तनाव के कारण
                    • दवाओं के साइड इफेक्ट के कारण 
                    • बहुत ज्यादा सोने के कारण
                    • जरूरत से कम सोने के कारण
                    • वातावरण में अचानक परिवर्तन के कारण
                    • बहुत ज्यादा शारीरिक मेहनत के कारण
                    • कैफीन वाले पदार्थों का ज्यादा सेवन करने से
                    • नाश्ता और खाना छोड़ देने से
                    •  तंबाकू, धूम्रपान, चॉकलेट आदि का ज्यादा सेवन करने से


                    माइग्रेन  के घरेलु टिप्स

                      1. बंद गोभी को पीसकर इस पेस्ट को एक सूती कपडे में ठीक ढंग से बिछाकर माथे में बांधें। और जब पेस्ट सूखने लगे तो नया पेस्ट बनाकर पट्टी बांधें। इससे आपको सरदर्द से काफी फायदा मिलेगा।
                      2. माथे में नींबू के छिलके का पेस्ट बना कर बांधें काफी आराम मिलेगा।
                      3. गाय का शुद्ध ताजा घी सुबह-शाम दो-चार बूंद नाक में रुई से टपकाने से माइग्रेन से काफी राहत मिलेगी।
                      4. गाजर का रस और पालक के रस को मिलाकर पीए। इससे आपको फायदा मिलेगा।
                      5. तुलसी के रस में एक चम्मच शहद मिलाकर खाने के पहले या खाने का बाद सेवन करने से माइग्रेन में काफी लाभ होगा।
                      6. अपने खाने में हरी सब्जियों और फ़लों को अधिक मात्रा में शामिल करें।
                      7. माइग्रेन से अगर सिर में ज्यादा दर्द हो रहा है तो तुरंत लौंग पाउडर और नमक मिलाकर दूध के साथ पिएं. ऐसा करने से सिर का दर्द गायब हो जाएगा. लौंग हमारे लिए बहुत फायदेमंद है.
                      8. माइग्रेन के लिए 1 चम्मच अदरक का रस और शहद को मिक्स करके पीएं. माइग्रेन के दर्द को दूर करने के लिए आप अदरक का टुकड़ा भी मुंह में रख सकते हैं. अदरक का किसी भी रूप में सेवन माइग्रेन में राहत दिलाता है.
                      9. सिर को ठंडक देने से माइग्रेन में राहत मिलती है। ठंडक के लिए आप माथे  पर बर्फ या ठंडे पानी की पट्टी रख सकते हैं। साथ ही सिर में मेहंदी लगाना भी फायदेमंद रहता है। ऐसा करने से रक्त  धमनियां फैलकर अपनी पूर्व स्थिति में आ जाती हैं।
                      10. जिस व्यक्ति  को माइग्रेन की समस्या  है, उसे पर्याप्त  नींद लेने की कोशिश करनी चाहिए। नींद लेने से माइग्रेन में आराम मिलता है। अच्छी  नींद लेने में योग, मेडिटेशन और मार्निंग वॉक भी सहायक होती है।
                      11. सिर की मसाज करें।इसके लिए  तिल के तेल में एक टुकड़ा दालचीनी और 1-2 इलायची डालकर गर्म कर लें। इस तेल से मालिश करें।मालिश के लिए पहली 2 उंगलियों से हल्के हाथ से गोल-गोल घुमाकर सिर की मसाज  करें। सिर के बीच, दोनों भौंहों के बीच और आंखों के कोनों पर स्थित प्रेशर पॉइंट्स को भी दबाएं।  मालिश दर्द के सिग्नल दिमाग तक पहुंचने में रुकावट पैदा करती है। इससे सिरोटोनिन बढ़ता है, जो दर्द कम करने में मदद करता है। 
                      12. पिपरमिंट में सूजन को कम करने के गुण होते है। साथ ही, यह शांत और स्थिरता का भाव भी पैदा करता है। आप पिपरमिंट चाय पी सकते हैं या फिर पिपरमिंट ऑयल की कुछ बूंदें एक चम्मच शहद के साथ आधे गिलास पानी में मिलाकर भी पी सकते हैं। पिपरमिंट ऑयल से सिर और माथे पर 20-25 मिनट मालिश करने से भी फायदा होता है।
                      13. ऐपल साइडर विनेगर यानी सेब का सिरका माइग्रेन में राहत दिलाता है। एक गिलास पानी में एक छोटा चम्मच सेब का सिरका और एक चम्मच शहद डालकर पिएं। करीब 30 दिन लगातार पीने से राहत मिलेगी। जब माइग्रेन हो या लगे कि होने वाला है तो 2-3 चम्मच एप्पल साइडर विनेगर लें। यह शरीर को साफ करने, शुगर और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल, वजन कम करने के अलावा हड्डियों और जोड़ों के दर्द में भी राहत दिलाता है। सेब का सिरका नहीं है तो आप सेब भी खा सकते हैं। ग्रीन ऐपल को सूंघना भी फायदेमंद हो सकता है।
                      14.  रोज 10 से 12 बादाम खाएं। यह माइग्रेन का बढिया उपचार है।
                      15. रोज सुबह-शाम एक गिलास अंगूर का रस पीयें। यह काफी कारगार उपाय है

                                     माइग्रेन से बचने के लिए क्या करें 

                                    • माइग्रेन से बचने के लिए सिरदर्द उत्पन्न करने वाले कारणों से बचना चाहिए, जैसे ऊंची आवाज में गाने सुनना, तनावग्रस्त रहना आदि.
                                    • दर्दनिवारक दवाओं का कम से कम इस्तेमाल करना चाहिए.
                                    • संतुलित दिनचर्या का पालन करना चाहिए.
                                    •  समय पर सोना व जागना  चाहिए.
                                    • नियमित रूप से व्यायाम  करना चाहिए.
                                    •  बहुत ज्यादा देर तक भूखे नहीं रहना चाहिए.
                                    • तापमान में तेज बदलाव से बचें। मसलन एसी से एकदम गर्मी में न निकलें या फिर तेज गर्मी से आकर बहुत ठंडा पानी न पिएं। 
                                    • सूरज की सीधी रोशनी से बचें। अगर आप बाहर निकल रहे हैं तो छाता लेकर और सन ग्लासेज पहनकर निकलें। 
                                    • गर्मी के मौसम में कम-से-कम ट्रैवलिंग करें। 
                                    • गर्मी और उमस से बचने के लिए ठंडी जगह (एसी) में रहें। 
                                    • दिन में 8-10 गिलास पानी जरूर पिएं, वरना डिहाइड्रेशन हो सकता है। डिहाइड्रेशन माइग्रेन का प्रमुख सामान्य कारक होता है। इसलिए डिहाइड्रेशन से बचें। शरीर में पानी रहेगा तो माइग्रेन के चांस कम होंगे। 
                                    • बरसात के मौसम में जब उमस बहुत ज्यादा होती है, हमें वैसी चीजों को खाने-पीने से बचना चाहिए जिससे पसीना ज्यादा निकलता है, जैसे कि चाय-कॉफी आदि। 
                                    •  मिर्च न खाएं। 
                                    •  ब्लड प्रेशर मेंटेन रखें।
                                    •  गर्भनिरोधक गोलियां लेने से बचें। अगर लेना ही है तो कम डोज लें। असल में, ऑरल पिल्स में प्रोजेस्टेरॉन (progesterone) की मात्रा ज्यादा होती है जो हॉर्मोन को असंतुलित कर देती है। इससे माइग्रेन होने के चांस बढ़ जाते हैं।
                                    • सुबह सूरज निकलने से पहले वॉक पर जाएं। नंगे पांव घास पर चलें। इससे तनाव कम होता है। तनाव कम होता है तो हॉर्मोंस भी बैलेंस हो जाते हैं। इन सब वजहों से माइग्रेन कम हो जाता है।
                                    • रोजाना 30 मिनट योगासन और प्राणायाम जरूर करें। इससे काफी फायदा होता है। मेटिडेशन भी कारगर है, चाहे रोज 10 मिनट ही करें। 

                                    ऐसी हो डाइट

                                    • माइग्रेन के मरीजों को खूब सारा लिक्विड यानी जैसे कि सूप, नीबू पानी, नारियल पानी, छाछ, लस्सी आदि पीना चाहिए।
                                    • फल और हरी सब्जियां खूब खाएं।
                                    • कम मात्रा में नमक लें। दिन भर में आधा छोटा चम्मच नमक काफी है क्योंकि ज्यादातर फूड आइटम्स में खुद ही नमक होता है।
                                    • चाय, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक आदि लेने से बचें। इन्हें लेने से माइग्रेन बढ़ सकता है।
                                    • ऐल्कोहल और चॉकेलट के सेवन से भी बचें। इनसे भी सिरदर्द होता है।
                                    • बेहद तेल-मसाले वाला खाना और उपवास भी माइग्रेन की परेशानी बढ़ाते हैं इसलिए इससे बचें।
                                    • कुछ तरह के चीज, बहुत ज्यादा नमक वाला खाना और प्रोसेस्ड मीट खाने से भी माइग्रेन बढ़ सकता है।
                                    • प्रोसेस्ड, डिब्बाबंद और खमीर वाले (पिज़्ज़ा , बर्गर, कुकीज, भटूरे आदि) फूड आइटम्स  से बचें। 











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